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गुरु अर्जन देव

Birth 1563 – 1606

मध्यकाल के एक प्रसिद्ध कवि, सिखों के पाँचवें गुरु, समाज-सुधारक और गुरु ग्रंथ साहिब के संकलनकर्ता। उनके भजन 30 रागों में रचे गए हैं। "सुखमनी" उनकी सबसे बेहतरीन रचना है।

अंजुली 2

छंद 4

दिन रैन 1

पहिरे 1

बावन अखरी 1

बिरहड़ा 1

शलोक 42

वार 6

अष्टपदी 6

चौपदे 30

दुपदा 6

इकतुका 2

दुतुका 5

मारू सोलहे 1

दक्खने 10

शब्द 19

गुणवंती 1

पड़ताल 5

गाथा 1

फुनाहा 1

सहसकृति 1

सवैया 20

पौड़ी 9

दोतुकी 1