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गुरु अर्जन देव

Birth 1563 – 1606

मध्यकाल के एक प्रसिद्ध कवि, सिखों के पाँचवें गुरु, समाज-सुधारक और गुरु ग्रंथ साहिब के संकलनकर्ता। उनके भजन 30 रागों में रचे गए हैं। "सुखमनी" उनकी सबसे बेहतरीन रचना है।

गुरु अर्जन देव जी मध्यकालीन पंजाबी साहित्य के प्रसिद्ध कवि, समाज सुधारक, पहले शहीद गुरु और सिख धर्म के पाँचवें गुरु साहिब हैं। गुरु अर्जन देव जी 1581 में गोइंदवाल साहिब में गुरुगद्दी पर बैठे और उनके भजन गुरु ग्रंथ साहिब में 30 रागों में 2313 शब्दों (शबदों) के रूप में दर्ज हैं। गुरु अर्जन देव जी ने आदि ग्रंथ साहिब का संपादन किया, जो 1604 में पूरा हुआ।